*भगवान के घर देर है पर अंधेर नही* – तोषिका
“क्या हुआ बेटा, ऐसे रो क्यों रहा है?” सुनीता ने अपने बेटे अंश से पूछा। अंश ने बोला “कुछ नहीं मा, बस ऐसा लग रहा है कि जिंदगी साथ नहीं दे रही है।” “ऑफिस में कुछ ठीक नहीं चल रहा है क्या?” उसकी मां ने अंश के सिर पर हाथ फेरते हुए बोला। नहीं मा … Read more