खामोश इंतज़ार की चुभन
बस, वही एक पल था जिसने दोनों के बीच जमी बरसों की बर्फ को पिघला दिया। उस दिन के बाद से उनका मेल-मिलाप शुरू हो गया। कल्याणी का नर्म दिल अविनाश के उस शालीन और अनवरत समर्पण के आगे हार गया था। धीरे-धीरे वह भी अविनाश को चाहने लगी। दोनों एक-दूसरे पर अपनी जान छिड़कने … Read more