सोने की चेन – शुभ्रा बैनर्जी
अब मां की तबीयत दिन ब दिन खराब ही होती जा रही है।कभी शुगर बिल्कुल कम हो जाता है,तो हाइपो में चली जाती हैं।अस्पताल में भर्ती करना उन्हें ,कोई कम टेढ़ी खीर नहीं।इस असंभव से काम को करने की जिम्मेदारी भी शुभा पर ही थी।इनके बेटे की भी यही आदत थी, इंजेक्शन लगवाने से और … Read more