एक बेटे का एहसास
रमाकांत जी का चेहरा शर्म से लाल हो गया। उन्हें लगा जैसे किसी ने उन्हें सरेआम नंगा कर दिया हो। उनका सिर झुक गया और आँखों से आंसू बहने लगे। “बेटा… वो… समाज की रस्में… हमारी इज्जत…” उनके मुंह से शब्द नहीं फूट रहे थे। विक्रम आगे बढ़ा और उसने रमाकांत जी के दोनों हाथ … Read more