स्वाभिमान की दहलीज
पति की यह प्रतिक्रिया अनघा के सीने में तीर की तरह चुभी। वह समझ गई कि पुरुष प्रधान व्यवस्था में अंधभक्ति की पट्टी इतनी मोटी होती है कि अपनों का दर्द भी दिखाई नहीं देता। अब वह बिल्कुल अकेली थी। एक तरफ उसका अपना स्वाभिमान था और दूसरी तरफ वह परिवार था जो एक पाखंडी … Read more