त्याग की चौखट
रागिनी ने पल्लवी का हाथ अपने कांपते हाथों में थाम लिया। उनके आंसुओं की धार रुकने का नाम नहीं ले रही थी। वह रुंधे गले से बोलीं, “पल्लवी… मुझे माफ कर दे मेरी बहना। मैंने तेरे साथ बहुत बड़ा अन्याय किया है। तूने बरसों तक मेरे बच्चों को अपने बच्चों की तरह पाला, बिना किसी … Read more