अपनों के आँसू
सुमित के ये शब्द मेरे कानों में सीसे की तरह पिघल कर गिर रहे थे। मैं कुछ जवाब देने ही वाला था कि तभी फ्लैट की घंटी बजी। सुमित ने उठकर दरवाज़ा खोला। मैं भी उसके पीछे-पीछे हॉल में आ गया। शिखा भी किचन से बाहर आ गई थी। दरवाज़े पर जो शख्स खड़ा था, … Read more