*बेटियां दो दो कुलों का नाम रोशन करती है* – तोषिका

“भाईसाहब आप बिलकुल सही थे कि *बेटियां दो दो कुलों का नाम रोशन करती है* और आपकी बेटियां ने आज मुझे गलत साबित कर दिया और मुझे इसकी खुशी भी है।” श्यामलाल ने अपने दोस्त हरि से बोला। तभी वहां पर हरि की बेटी राशि आई और उसने अपने पापा से पूछा “कैसी बात पापा?” … Read more

दो कुलों का मान – आरती शिव टावरी

“बेटियाँ दो-दो कुलों का नाम रोशन करती हैं”—यह केवल एक कहावत नहीं, बल्कि जीवन का सच्चा अनुभव है। इस बात को साबित किया नंदिनी ने। नंदिनी एक साधारण परिवार की बेटी थी। उसके माता-पिता ने उसे बचपन से ही अच्छे संस्कार, शिक्षा और आत्मविश्वास दिया। वह पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहती थी, लेकिन उसकी सबसे … Read more

बेटियाँ दो-दो कुलों का नाम रोशन करती हैं – डॉ आभा माहेश्वरी

एक छोटे से कस्बे में रामप्रसाद नाम का छोटा सा कपड़े का व्यापारी अपनी पत्नी सावित्री और बेटी नंदिनी के साथ रहता था। रामप्रसाद मेहनती तो था, लेकिन उसकी एक ही चिंता थी कि उसके घर बेटा नहीं है। वह अक्सर कहता, “काश! मेरे घर भी एक बेटा होता, जो मेरा नाम आगे बढ़ाता।” उसकी … Read more

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