बेटियाँ दो-दो कुलों का नाम रोशन करती हैं – डॉ आभा माहेश्वरी

एक छोटे से कस्बे में रामप्रसाद नाम का छोटा सा कपड़े का व्यापारी अपनी पत्नी सावित्री और बेटी नंदिनी के साथ रहता था। रामप्रसाद मेहनती तो था, लेकिन उसकी एक ही चिंता थी कि उसके घर बेटा नहीं है। वह अक्सर कहता, “काश! मेरे घर भी एक बेटा होता, जो मेरा नाम आगे बढ़ाता।” उसकी … Read more

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