संतोष के आंसू – प्रियंका नाथ
“क्या कर रही हो तुम मीरा? पागल हो गई हो क्या?” कमरे में घुसते ही कमला जी की आवाज़ में एक तीखापन और गहरी हैरानी थी। उनकी नज़र बिस्तर पर रखे उस लाल मखमली डिब्बे पर थी, जिसमें मीरा का पुश्तैनी भारी सोने का हार और कंगन रखे हुए थे। साथ ही मेज पर बैंक … Read more