बहू भी इस घर का हिस्सा है
अंजलि जब लाल जोड़े में सजी-धजी इस घर की चौखट पर आई थी, तो उसकी सास सुमित्रा देवी ने आरती उतारते हुए बहुत ही मीठे स्वर में कहा था, “बहू, आज से यह घर तुम्हारा है। मेरी तो उम्र हो गई है, अब तुम्हें ही यह पूरी गृहस्थी संभालनी है।” उस दिन अंजलि की आँखों … Read more