लहू के रंग
इतना सुनते ही दीनदयाल का पत्थर सा दिखने वाला चेहरा पिघलने लगा। उसकी आँखों के किनारे भीग गए। उसने अपनी कांपती हुई उंगलियों से अपनी आँखें पोंछीं और रुंधे हुए गले से बोला, “आपने सब सच पता कर लिया वकील साहब। हाँ, मेरा भाई बहुत बड़ा आदमी है। उसके पास आज गाड़ियां हैं, नौकर-चाकर हैं, … Read more