नियति का खेल और वो बंद दरवाज़ा
रमाकांत जी के घर में इन दिनों उत्सव का माहौल था। उनके इकलौते बेटे सुमित की शादी तय हो गई थी और पूरे घर में रौनक छाई हुई थी। रमाकांत जी की पत्नी, सरला देवी की तबीयत अक्सर खराब रहती थी, इसलिए घर और शादी की सारी ज़िम्मेदारी उनकी बेटी काव्या के कंधों पर आ … Read more