और कुछ बंधन तोड़ देना ही अच्छा है – मंजू ओमर

और कैसी है मेरी बेटी राजीव जी बेटी श्वेता की  अटैची उठाते हुए बोले, ठीक हूं पापा ।और मेरा आने वाला नवासा  कैसा है, और वह भी ठीक है। तू अकेले आई है दामाद जी नहीं आए।नहीं पापा अच्छा चल ऑटो में बैठ चल तेरी मां इंतजार कर रही होगी बड़ी बेसब्री  से। श्वेता घर … Read more

*कुछ बंधन तोड़ देना ही अच्छा होता है* – तोषिका

आपने ऐसा क्यों किया मां? मीरा ने अपनी मां से पूछा। तभी उसकी मां रमा ने बोला “*कुछ बंधन तोड़ देना ही अच्छा होता है* क्योंकि कई बार आत्मसम्मान से ऊपर कुछ नहीं होता है।” “ऐसा क्या हुआ था मां की आपने पापा को छोड़ दिया?” मीरा ने हैरानी में पूछा। रमा का उन पुरानी … Read more

बंधन – खुशी

मीरा एक सुखी परिवार से थी।सुखी परिवार की परिभाषा का अर्थ था जिसमें हर कोई एक दूसरे को वक्त दे जो एक दूसरे का दर्द समझे ।जहां मां के आवाज लगाते ही सब एक जगह इक्कठा हो जाते और खाना खातें गप्पे मारते दिन भर की बातें साझा करते।पापा शाम को ऑफिस से आते तो … Read more

सोने की चेन – शुभ्रा बैनर्जी 

अब मां की तबीयत दिन ब दिन खराब ही होती जा रही है।कभी शुगर बिल्कुल कम हो जाता है,तो हाइपो में चली जाती हैं।अस्पताल में भर्ती करना उन्हें ,कोई कम टेढ़ी खीर नहीं।इस असंभव से काम को करने की जिम्मेदारी भी शुभा पर ही थी।इनके बेटे की भी यही आदत थी, इंजेक्शन लगवाने से और … Read more

कुछ बंधन तोड़ देना ही अच्छा है – चित्रलेखा व्यास ‘नीलचित्रा’

आँगन में रखी तुलसी सूखने लगी थी। सावित्री रोज उसे पानी देती, फिर भी उसकी पत्तियाँ मुरझाती जातीं। शायद पौधे को भी वही चाहिए था, जो मनुष्य को चाहिए—थोड़ी धूप, थोड़ी हवा और जीने की आज़ादी। सावित्री की बेटी नंदिनी भी पिछले कई वर्षों से भीतर ही भीतर ऐसी ही सूख रही थी। शादी के … Read more

कुछ बन्धन तोड़ देना ही अच्छा होता है – डॉ बीना कुण्डलिया 

अमिता की शादी को अभी दो माह ही व्यतीत हुए थे । अमिता को अभी से अपनी जिंदगी पहाड़ सी लगने लगी । उसके ससुराल में सास ससुर, ननद, देवर देवरानी अच्छा खासा परिवार मिला उसको कोई कमी नहीं । देवर अपनी पसन्द से पहले ही विवाह कर दुल्हन घर ले आया था । देवरानी … Read more

कुछ बंधन तोड़ देना ही अच्छा होता है – कायनात परवीन

​गाँव की चौपाल पर जब भी बेटियों की शिक्षा या उनके सपनों की बात होती, तो बुज़ुर्गों का एक ही जवाब होता—”लड़कियों की हद घर की चारदीवारी तक ही ठीक है।” मीरा भी इसी गाँव की एक सीधी-साधी लड़की थी, जिसके सपनों का आसमान बहुत बड़ा था, लेकिन उसके पाँव में ‘परंपराओं और सामाजिक बंदिशों’ … Read more

कुछ बंधन तोड़ देना ही अच्छा होता है – मधु वशिष्ठ

कुछ बंधन तोड़ देना ही अच्छा होता है और मैंने वही किया है। मैं यहां ही खुश हूं। पापा अब आपकी अकेले रहने की उम्र नहीं है, माधुरी ने कहा। पवन भी साथ में ही खड़ा था, उसने भी धीरे से कहा पापा आप चाहो तो आप मेरे साथ आकर रह सकते हो? पहली बात … Read more

कुछ बंधन तोड़ देना ही अच्छा होता है – लक्ष्मी कानोडिया ‘अनिका’

सुबह के सात बज रहे थे। रसोई में चाय की खुशबू फैल रही थी और खिड़की के बाहर अमलतास के पीले फूल हवा के साथ झूम रहे थे। मीरा ने चाय का कप ट्रे में रखा और हमेशा की तरह पहले सास-ससुर के कमरे की ओर बढ़ी। “माँजी, चाय रख दूँ?” अंदर से आवाज आई, … Read more

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