तोहफे की कीमत…

सुबह की भागदौड़ के बीच, जब घर में नाश्ते की खुशबू और कुकर की सीटियों का शोर गूंज रहा था, तभी दरवाजे से बाहर निकलते हुए समीर ने अपनी पत्नी काव्या को आवाज लगाई। “काव्या, सुनो! आज शाम को जल्दी तैयार हो जाना। तुम्हें याद है न, हमारे पुराने पड़ोसी माथुर अंकल की बेटी की … Read more

अनकही शांति

रात के करीब दस बज रहे थे। नवंबर की हल्की ठंड ने दस्तक दे दी थी। समीर अपने ऑफिस का लैपटॉप बंद करके जब अपने बेडरूम में दाखिल हुआ, तो सामने का नज़ारा देखकर उसके कदम ठिठक गए। उसकी पत्नी, राधिका, उनके डबल बेड के ठीक बगल में ज़मीन पर एक मोटा गद्दा बिछा रही … Read more

अटूट प्रेम

सुमित्रा देवी दौड़कर कमरे में आईं और अपनी बहू के कदमों के पास बैठकर उसे गले से लगा लिया। “मुझे माफ़ कर दे मेरी बच्ची। तूने आज साबित कर दिया कि माँ की ममता और एक औरत का विश्वास किसी भी विज्ञान की मोहताज नहीं होती। अब से तू नहीं, मैं तेरा पूरा ध्यान रखूंगी।” … Read more

रिश्तों की खूबसूरत डोर

उस रात कांता देवी बहुत देर तक सो नहीं पाईं। वे करवटें बदलती रहीं और पिछले एक साल का हर वो पल याद करती रहीं जब उन्होंने मीरा को बेवजह टोका था और मीरा ने बदले में सिर्फ एक शांत मुस्कान देकर बात टाल दी थी। उन्हें अहसास हुआ कि अगर मीरा चाहती तो हर … Read more

असली न्याय

“मालिक, ऐसा गज़ब मत बोलिए। वो आपकी भी बेटी जैसी है। अगले महीने उसके हाथ पीले होने वाले हैं। मैं खून-पसीना एक करके आपका एक-एक पैसा चुका दूँगा, बस मेरी बच्ची की तरफ आँख मत उठाइए।” लेकिन समर सिंह ने एक ज़ोरदार लात रामदीन के सीने पर मारी और अपने दोस्तों के साथ भद्दे ठहाके … Read more

माँ की पुरानी साड़ी – विकास श्रीवास्तव

गाँव के एक छोटे से घर में रामलाल, उनकी पत्नी सरला और उनका बेटा मोहित रहते थे। रामलाल एक साधारण किसान थे। दिन-रात मेहनत करके परिवार का पालन-पोषण करते थे। घर में पैसे कम थे, लेकिन प्यार और अपनापन बहुत था। सरला के पास एक पुरानी नीली साड़ी थी। वही साड़ी उन्होंने अपनी शादी में … Read more

रील मेकिंग – एम. पी. सिंह “मोहि “

आज के डिजिटल युग में अधिकांश युवाओं के लिए रील मेकिंग मनोरंजन का साधन बन गया है. मनोरंजन करते करते ज्ञान और कला मैं वृद्धि होनी स्वभाविक है. कुछ लोग अपनी इस कला को अपनी आय का ज़रिया बना लेते है.  छोटे छोटे विडिओ बनाकर अपने हुनर को दुनियाँ तक पहुंचा रहे है. इस काम … Read more

गुरु दक्षिणा

लंदन के एक प्रतिष्ठित अस्पताल से कार्डियोलॉजी में अपनी मास्टर्स की डिग्री और गोल्ड मेडल हासिल करने के बाद, जब डॉक्टर सुशांत पूरे छह साल बाद भारत लौट रहे थे, तो उनके घर में किसी बड़े त्योहार जैसा माहौल था। सुशांत की माँ, कावेरी देवी की छाती गर्व से चौड़ी हो गई थी। हो भी … Read more

भाई दूज

राघव वहीं सोफे पर धम्म से बैठ गया। उसकी आँखें पथरा गई थीं। वह पलक झपकाना भूल गया था। नीती का वह बहाना इतना खोखला था कि कोई भी समझ सकता था कि वह बस राघव से मिलना नहीं चाहती थी। राहुकाल या मुहूर्त का तो बस नाम था; असली बात तो यह थी कि … Read more

खामोश रिश्तों की गूंज – अनुपमा

बाहर आसमान से बारिश की बूंदें लगातार गिर रही थीं, लेकिन मीरा के अंदर जो तूफान उठ रहा था, उसके सामने ये बारिश बहुत मामूली लग रही थी। सुबह से ही उसने कुछ नहीं खाया था। डाइनिंग टेबल पर रखी चाय की प्याली कब ठंडी हो गई, उसे इसका एहसास तक नहीं हुआ। वह बस … Read more

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