तू मेरा सहारा है – जगनीत टंडन
“स्नेहा, जल्दी चल, अभी तक तैयार नहीं हुई क्या..” नीना स्नेहा के घर पहुंचते ही चिल्लाई। माला भी वहां आ गई थी। “नीना, जल्दी आने की कोशिश करना बेटा, जब तक तुम सब घर नहीं आ जाओगी तब तक दिल डरता ही रहेगा। आज इसका मोबाईल भी सीमा लेकर गई हुई है” “अरे आंटी, घबराइए … Read more