झांसी की रानी – सीमा राय
खाकी वर्दी की बांह चढ़ाते हुए वाणी जैसे ही अपनी कॉलोनी के नुक्कड़ पर स्थित ‘दीनानाथ जनरल स्टोर’ के पास से गुजरी, हवा में तैरता हुआ एक तंज उसके कानों से टकराया। “-लो भाई, आ गई ‘झांसी की रानी’! घर में बीमार आदमी पड़ा है और मैडम को देखो, पुरुषों की तरह ऑटो दौड़ाने का … Read more