उपहार की कीमत नहीं नियत देखी जाती है – तोषिका
सलोनी अगली बार से ऐसा मत बोलना। तुम मेरी दोस्त हो, तुमने ऐसा कैसे सोच लिया कि मैं यह देखूंगी तो हमारी दोस्ती में फरक आ जाएगा। उदास प्राची ने बोला। सलोनी बोली पर…पर… प्राची उसकी बात को काट कर बोली पर वर कुछ नहीं, इतना मत सोचा कर। *एक हफ्ते पहले* प्राची बहुत खुश … Read more