फैमिली कोर्ट
पारिवारिक अदालत के बाहर आज एक अजीब सी तपिश थी। धूप से ज्यादा गर्मी सुमित्रा देवी के चेहरे की चमक में थी। वो अदालत की सीढ़ियां ऐसे उतर रही थीं जैसे कोई बहुत बड़ा युद्ध जीतकर आई हों। उनकी चाल में एक गुरूर था, आंखों में एक विजयी चमक और होंठों पर एक ऐसी मुस्कान … Read more