किस्मत की रेत और दोस्ती का हाथ
शालिनी समझ गई कि राघव के सामने ज्यादा कुरेदना उनके स्वाभिमान को और चोट पहुंचाएगा। उसने केवल सामान्य बातें कीं, बच्चों का हालचाल पूछा जो पास के एक सरकारी स्कूल में पढ़ते थे, और रागिनी का फोन नंबर अपनी डायरी में लिख लिया। जाते समय उसने रागिनी के कंधे पर हाथ रखा और कहा, “बस … Read more