सात फेरों से परे एक नई सुबह
अनिमेष ने ऋचा के आंसुओं को पोंछा और बड़े संयम से कहा, “ऋचा , पलायन किसी समस्या का समाधान नहीं है। नौकरी छोड़ना तुम्हारी मेहनत और तुम्हारी पहचान का अपमान होगा। मां गलत नहीं हैं, बस उनका दृष्टिकोण उस युग में गढ़ा गया है जहां औरतें केवल चारदीवारी में रहती थीं। हमें उनसे लड़कर नहीं, … Read more