**सात समंदर पार का सन्नाटा**
पंडित शिवशंकर जी के पुश्तैनी मकान का बड़ा सा आँगन अब हमेशा खामोश रहता था। कभी इस आँगन में उनके बेटे रोहन की किलकारियां गूंजा करती थीं, लेकिन आज यहाँ सिर्फ शिवशंकर जी की सूखी खांसी और उनकी पत्नी, रमा देवी की अस्थमा से उखड़ती हुई सांसों की आवाज़ सुनाई देती है। उम्र के सातवें … Read more