**घरेलू औरत की अदृश्य कमाई** – विनीता सिंह
*”जिस पत्नी को वो ‘अनपढ़’ और ‘बोझ’ समझकर घर से निकालना चाहता था, जब माँ ने उसके त्याग और समर्पण का ‘हिसाब’ डायरी खोलकर दिखाया, तो लाखों कमाने वाले बेटे को अपनी ही दौलत कौड़ियों के भाव लगने लगी।”* “बस बहुत हो गया मां! मैं अब इस अनपढ़ औरत के साथ एक छत के नीचे … Read more