रेशमी धागों का अनकहा बंधन
माधव की आवाज सुनते ही अनिका के होश उड़ गए। ऐसा लगा मानो किसी ने उस पर घड़ों ठंडा पानी उड़ेल दिया हो। उसके हाथ से चाय का कप छूटते-छूटते बचा। कमरे में एक गहरा, दमघोंटू सन्नाटा छा गया। शालिनी भी घबरा गई और नजरें चुराने लगी। अनिका का चेहरा सफेद पड़ चुका था। उसे … Read more