रिश्तों की छांव
न्वी के माता-पिता को इस पूरी घटना का पता चला, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। वे अपनी बेटी के पास दौड़े चले आए। अपनी नासमझी और बच्चों को वक्त न दे पाने के अपराध-बोध से उनका सिर शर्म से झुक गया था। बृजमोहन जी और उषा जी ने न केवल तन्वी को संभाला, … Read more