अल्हड़ गौरैया का नया घोंसला
“सुमित्रा! तुमने वो बेबी लोशन और थर्मामीटर रखा या नहीं? और वो जो छोटी-छोटी सूती की टोपियां मैंने कल बाज़ार से लाकर दी थीं, वो बैग में हैं या तुमने बाहर ही छोड़ दीं?” कमरे में चारों तरफ फैले सामान के बीच खड़े होकर रघुनाथ जी बड़ी बेचैनी से सूटकेस की चेन बंद करने की … Read more