रिश्तों का आइना
अंजलि की आंखों से अब आंसुओं की धार बह निकली। ये आंसू दर्द के नहीं, बल्कि पछतावे के थे। उसे अपनी सोच पर, अपने उस शक पर घिन आने लगी जो उसने आभासी दुनिया के उस कचरे को देखकर अपने मन में पाला था। जो परिवार उसके लिए अपनी जान छिड़कता है, जो सासू मां … Read more