सीरत का गहना
रश्मि जी ने मीरा के खून से सने माथे को चूम लिया। “मेरी दीदी मेरे लिए मेरी माँ के समान हैं। अगर आज तू अपने महँगे कपड़ों और इस दिखावे की परवाह करती, जैसे बाकी भीड़ कर रही थी, तो आज मैं अपनी माँ जैसी बहन को खो देती। तूने आज सिर्फ मेरी दीदी की … Read more