बड़े को सदा बड़प्पन ही दिखाना चाहिए – भगवती सक्सेना गौड़
आज हरिद्वार से घूमकर एक माह बाद सिद्धेश्वर जी अपनी पत्नी के साथ घर आये। ट्रेन/बस की लंबी यात्रा के बाद भी उनके चेहरे पर एक अजीब-सी ताजगी थी—हरिद्वार की हवा, गंगा के किनारे की शांति, मंदिरों की घंटियों की आवाज़ और आरती की लौ… मानो मन के किसी कोने में वर्षों से जमी थकान … Read more