जिंदगी की धूप और छाँव
रेस्टोरेंट के एक कोने वाली टेबल पर दो लोग आमने-सामने बैठे थे। मेज पर रखी चाय से उठती भाप उन दोनों के बीच पसरी खामोशी को और भी गहरा कर रही थी। माधव, जिसकी उम्र पैंतीस के पार हो चुकी थी, अपनी चाय के कप को दोनों हाथों से पकड़े हुए कुछ सोच रहा था। … Read more