स्मृतियों की दरार
तान्या ने आगे बढ़कर उर्मिला देवी के हाथ थाम लिए और बहुत कोमलता से कहा, “मां जी, यह घर आपका था, आपका है और हमेशा आपका ही रहेगा। हम तो बस इस छांव को और मजबूत करना चाहते थे ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इसमें सुकून से रह सकें। अगर आपको लगता है कि इस … Read more