मैली हवेली का उजला सूरज
उस अंधेरी और तूफानी रात में, बिना कोई गहना लिए, बिना कोई धन-दौलत छुए, रागिनी सिर्फ तन पर लिपटी एक साधारण साड़ी में उस विशाल हवेली का भारी दरवाजा लांघकर बाहर निकल गई। पीछे भंवर सिंह की गालियां और धमकियां गूंजती रहीं कि वह भूखों मर जाएगी, लेकिन रागिनी ने एक बार भी पीछे मुड़कर … Read more