अजनबी सफ़र : एक अनकहे रिश्ते की दास्तान – शशि चोपड़ा
“मैं जानता हूँ कि तुम यहाँ अपने अतीत को समेटने आई हो,” माधव ने बहुत ही कोमल स्वर में कहा। “लेकिन जब तुम वापस दिल्ली लौटो, और अगर तुम्हें लगे कि उस बड़े शहर की भीड़ में तुम्हें एक ऐसे दोस्त की ज़रूरत है जो तुम्हारे साथ सिर्फ एक कप चाय पीकर तुम्हारी खामोशी को … Read more