टूटती बेड़ियाँ: एक बेटी के आत्मसम्मान की कहानी
सावित्री देवी पिछले कई दिनों से अपनी बेटी के इस बदलते हुए रूप को बहुत करीब से देख रही थीं। एक माँ की नज़र से भला बच्चे का दुःख कैसे छिप सकता है? कई बार उन्होंने डाइनिंग टेबल पर या सुबह की चाय के वक्त नेहा से कुरेद-कुरेद कर पूछने की कोशिश की थी, लेकिन … Read more