बेइंतहा दर्द – मंजू ओमर

सुमित्रा के अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। घर में सभी इधर-उधर तैयारी में लगे हुए थे । लेकिन बेटे मनीष की आंखों में आंसू रोकने का नाम नहीं ले रहे थे । बेटा भी बेइंतहा दर्द से तड़प रहा था । और मन ही मन सोचा  रहा था काश मां की बात मान … Read more

दर्द – खुशी  

मै सुधा जिसके जीवन में सब है एक खुशहाल परिवार।प्यार करने वाला पति मोहन दो बेटे वरुण और अमन एक प्यारी सी बेटी नीतू सब हैं पर फिर भी एक दर्द है जो मुझे कचोटा है कि मैं मोहन जैसे सजन व्यक्ति को दुख दे रही हूं उन्हें मैने धोखा दिया है।वो कई बार कहते … Read more

दर्द की इंतहा – सुदर्शन सचदेवा

रात के साढ़े ग्यारह बज रहे थे। शहर अब भी जाग रहा था—कहीं ट्रैफिक की आवाज़, कहीं मोबाइल की घंटियाँ, कहीं देर रात तक जलती खिड़कियाँ। मगर उस ऊँची इमारत की सोलहवीं मंज़िल पर बैठी अनाया के कमरे में एक ऐसी ख़ामोशी थी, जो किसी शोर से भी ज़्यादा भारी थी। उसके हाथ में मोबाइल … Read more

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