कलंकिनी या जीवन दायिनी – शिव कुमारी शुक्ला
दीप्ति सात साल की मासूम बच्ची हतप्रभ खडी थी।उसे समझ में नहीं आ रहा था कि एकाएक उसके घर में लोगों का आना-जाना क्यों शुरू हो गया। मम्मी पापा अभी कुछ समय पहले ही घर से गये थे कुछ काम करने के लिए उसे मैड के पास छोड़ कर। फिर ये पड़ोसी अंकल घबराए से … Read more