रिश्तों की असली पहचान
वो भगवान से प्रार्थना कर रही थी कि काश बाबूजी का आना किसी तरह टल जाए। वो नहीं चाहती थी कि जिन बाबूजी को कस्बे में इतना सम्मान मिलता है, उन्हें अपनी ही बेटी के घर में उपेक्षा का शिकार होना पड़े। लेकिन सुबह हो चुकी थी। ट्रेन का समय हो गया था। मीरा ने … Read more