इंसानियत का असली पैमाना
“मम्मा, वो पुराने जूते तो घर की अलमारी में सुरक्षित रखे हैं ना? लेकिन उस दादी के पैर तो अभी जल रहे थे। क्या वो तपती हुई सड़क मेरे पुराने जूतों के आने का इंतज़ार करती? और मम्मा, आप ही तो कहती हो कि भगवान को हमेशा ताजे फूल और सबसे अच्छी चीज़ चढ़ानी चाहिए। … Read more