रिश्तों की धूप-छांव  

 मिहिर थोड़ा रुका, उसने माँ के हाथ को अपने गाल से लगाया और आगे बोला, “और रही बात सौम्या की, माँ… तो सौम्या तो मेरी आत्मा है, मेरी अर्धांगिनी है। उसके साथ तो मुझे अपना पूरा जीवन बिताना है। अगर मैं पहले आपके पास आ गया, तो इसका मतलब यह कतई नहीं है कि मेरा … Read more

रिश्तों की अधूरी पहेली  

यह सुनकर मेरे पैरों तले से जमीन खिसक गई। मेरे दिल में जो पच्चीस सालों से एक शिकायत थी कि इन्होंने मुझे क्यों ठुकराया, वह शिकायत एक ही पल में कपूर की तरह उड़ गई और उसकी जगह एक अथाह करुणा और पश्चाताप ने ले ली। जिन बुजुर्गों को मैं कठोर और बेपरवाह समझ रहा … Read more

 प्रीत का नया रंग

 प्रज्ञा ने जो रूप धरा था, उसे देखकर आंगन में बैठी हर औरत दंग रह गई। प्रज्ञा ने कोई नई भारी भरकम लाल साड़ी नहीं पहनी थी। उसने वही गहरे लाल और सुनहरे गोटे वाली पुरानी बनारसी साड़ी पहन रखी थी, जो पैंतीस साल पहले विश्वंभर जी ने उर्मिला को उनकी पहली करवाचौथ पर दी … Read more

गर्दिश के सितारे  

मैंने जब उसके सिर पर हाथ रखा, तो मुझे लगा कि आज मेरी तीस साल पुरानी तपस्या का फल मुझे मिल गया है। जिस बेटे को कभी मैले कपड़ों में देखकर जमाना ताने मारता था, आज वही बेटा देश के सबसे बड़े महकमे में एक जिम्मेदार पद पर बैठकर देश की सेवा कर रहा था। … Read more

ऐसी भाभी सबको मिले – कमलेश आहूजा

रिया अपने भाई रोहित के शहर में ही रहती थी,इसलिए हर रविवार मायके आना उसका जैसे नियम बन गया था। माँ के जाने के बाद मायके की सारी जिम्मेदारी उसकी छोटी भाभी नेहा ने अपने ऊपर ले ली थी। नेहा ने कभी उसे ननद समझकर नहीं, बल्कि अपनी बड़ी बहन की तरह सम्मान और प्यार … Read more

भाभी हो तो ऐसी! – श्वेता अग्रवाल

दरवाजे की घंटी बजी, और जैसे ही माला देवी ने दरवाजा खोला, सामने का नजारा देखकर उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई। सामने उनकी बहू सिया उनकी बेटी अवनी को लिए खड़ी थी। अवनी के माथे से खून बह रहा था, उसके होंठ कटे हुए थे और चेहरे तथा हाथ-पांव पर चोट के नीले-काले … Read more

भाभी की चिट्ठी – गीता वाधवानी

 यह मैं क्या सुन रहा हूं, बड़े भैया अपनी साली ज्योति से शादी कर रहे हैं?   छोटे भाई सौरभ ने बड़े भाई दीपेश को फोन लगाया और पूछा-” भैया लोग यह क्या बातें कर रहे हैं, क्या सचमुच आप ज्योति से शादी कर रहे हो? ”   दीपेश ने कहा -हां!   सौरभ -” (सौरभ की भाभी … Read more

मेरी भाभी जैसी भाभी किसी की नहीं है – मंजू ओमर

कविता सौदामिनी का हाथ अपने हाथ में लेकर कस के थामे हुए थी।कविता जोर-जोर से रो रही थी।।अस्पताल की बिस्तर पर पडी सौदामिनी जिंदगी की अंतिम सांसे ले रही थी ,उसके पास  समय नहीं था पता नहीं कितना समय बचा था एक दिन दो दिन एक घंटा या एक क्षण कुछ पता  नहीं था । … Read more

ऐसी भाभी सबको मिले – सुदर्शन सचदेवा

“भाभी… एक बात पूछूँ?” “हाँ, पूछ न।” “अगर कभी मैं आपको छोड़कर चली गई, तो आप मुझे याद करेंगी?” भाभी ने मुस्कुराते हुए कहा, “पगली! तू घर से विदा होगी, मेरे दिल से थोड़ी।” इतना सुनते ही ननद की आँखें भर आईं और वह भाभी के गले लग गई। यह रिश्ता भले ही खून का … Read more

राह के मोड़ पर बंधी उम्मीद

 जिंदगी के रास्ते अक्सर अनजाने मोड़ों पर ही जुड़ते हैं। अवनि, जो खुद को तन्हा और लाचार समझती थी, उसे रिश्तों का एक नया संसार मिल गया था। और समर, जो निराशा के दलदल में डूब चुका था, उसे अपने आत्मसम्मान और मेहनत के बल पर एक नई जिंदगी मिल गई थी। मुश्किलें कितनी भी … Read more

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