रिश्तों के आसमान
दोपहर की चिलचिलाती धूप में रसोई का काम समेटते हुए कविता के हाथ अचानक ठिठक गए। फोन की स्क्रीन पर स्कूल की प्रिंसिपल का नंबर चमक रहा था। फोन उठाते ही दूसरी तरफ से आई घबराई हुई आवाज ने कविता के पैरों तले से जमीन खिसका दी। “कविता जी, तुरंत सिटी अस्पताल पहुँचिए, आपकी बेटी … Read more