बंधन से बसेरे तक
निशांत ने आगे बढ़कर अपने ससुर के दोनों हाथ थाम लिए और बहुत ही आदर से कहा कि बाबूजी, हमने पुणे केवल अपने करियर के लिए नहीं चुना है। हमने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि हम जानते हैं कि इस उम्र में आपको हमारी और हमें आपके साए की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है। आप दोनों … Read more