बदलाव – साहिबा टंडन : Moral Stories in Hindi
खचाखच भरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा जब विनोदिनी के नए कविता संग्रह ‘मृगतृष्णा’ का लोकार्पण हुआ. सभागार की पहली पंक्ति में बैठे पलाश और ज्योति यह देखकर बेहद खुश हुए. वे विनोदिनी के भईया भाभी थे. विनोदिनी ने अपनी उपलब्धि का श्रेय उन्हीं को दिया था . वापिस लौटेते वक्त कार में … Read more