आत्मसम्मान – सोमा शर्मा : Moral Stories in Hindi

रामू एक दर्जी था — सीधा-सादा, मेहनती और ईमानदार। शहर के एक कोने में उसका छोटा सा टीन का खोखा था, जहां वह दिन-रात सिलाई करता। कपड़े सिलाने वालों की भीड़ नहीं रहती थी, लेकिन जो आते, वो उसकी मेहनत की कद्र करते थे… या ऐसा रामू सोचता था। रामू का पहनावा सादा था, बात … Read more

 हमारी दोनों बहुऐं बहनों जैसी रहती हैं – कुमुद मोहन : Moral Stories in Hindi

“अरे! आओ जिज्जी! बड़े दिनों बाद चक्कर लगा!सब ठीक-ठाक तो है ना?”शीला जी ने बड़ी बहन मीना को टैक्सी से उतरते देख कर पूछा! “क्या बताऊं बहना दोनों बहुओं ने नाक में दम कर रखा है! उतरते ही शीला के गले लग कर रूआंसी होकर मीना ने अपनी रामकहानी शुरु कर दी! कहने को चचेरी … Read more

 दरकती दीवार – डॉ संगीता अग्रवाल : Moral Stories in Hindi

हरिशंकर एक रिटायर्ड बैंक ऑफिसर थे,पूरी जिंदगी मेहनत से कमाया ,बच्चों को पढ़ाया,लिखाया, उनकी शादियां की और अपनी सेविंग्स से एक शानदार घर बनाया, सोचते थे अब ठाठ से बुढ़ापे का आनंद उठाऊंगा…बेटियां अपने घर की हो गई हैं, दो बेटे मोहित और शोभित मेरे बुढ़ापे का सहारा बनेंगे। बड़े बेटे मोहित को विदेश से … Read more

 प्रायश्चित – डॉ. दीक्षा चौबे : Moral Stories in Hindi

आज मानस भैया रिद्धिमा की शादी का आमंत्रण पत्र लेकर आये थे । रिद्धिमा …मेरे बड़े भैया महेशकान्त शर्मा की बेटी  है । बड़े भैया स्वयं आने की हिम्मत नहीं कर पाये थे ….इसलिए शायद छोटे भैया यहाँ थे । शोभा की मनःस्थिति विचलित सी हो गई थी । यंत्रचालित मशीन की तरह भैया को … Read more

 सम्मान की सूखी रोटी – निमीषा गोस्वामी : Moral Stories in Hindi

सन्तू काय रे तै अबे तक काय नहीं जागो काय तैको काम धाम है कछु के नई। जा लड़का को रोज रोज समझा  के हम तो परेशान हैं गए लेकिन जाके दिमाग में तनिक बात न घुसत जब तक अम्मा जिंदा है कर ले मौज ताके बाद का करेगो । सन्तू की अम्मा का रोज … Read more

 प्रायश्चित के आंसू – विनती झुनझुनवाला : Moral Stories in Hindi

अपने बेटे को कैसे पालना है ये मुझे आपसे सीखने की जरूरत नहीं है जब वैभव ने थोड़ा जोर से कमल जी से कहा तो नन्हा सा अंश सहम कर अपनी मम्मी की गोद में जा छुपा, अपने पापा को दादा जी पर गुस्सा करते हुए देख कर वो बहुत डर गया था। गरिमा ने … Read more

 आखिरी पल – प्रतिमा श्रीवास्तव : Moral Stories in Hindi

————- डॉक्टर रेखा ने राघव को बुलाया और कहा कि “सावित्री जी को घर लेकर जाओ और उनके साथ वक्त बिताओ क्योंकि अब वो कुछ ही दिनों की मेहमान हैं।अब दवा का कोई भी असर उन पर होना बंद हो गया है।चंद सांसें शेष हैं उनके पास। जितनी खुशी दे सकते हो दो और उनकी … Read more

 तकदीर फूटना – सुदर्शन सचदेवा : Moral Stories in Hindi

आयुष एक होशियार इंजीनियर लड़का था | मल्टीनेशनल कंपनी में अच्छी खासी नौकरी छोड़कर खुद का स्टार्टअप शुरु किया | एक ऐप जो गांवो में किसानों को सीधे ग्राहकों को जोड़ता था | दोस्तों ने कहा- अरे यार ! तु पागल हो गया है कि इतना अच्छा पैकेज छोड़कर किस काम पर लग गया | … Read more

 जिम्मेदारी… – रश्मि झा मिश्रा : Moral Stories in Hindi

…पूरे तेरह लोगों का टिकट कटाया था अनिल ने… संजोग से दो टिकट दूसरे डब्बे में मिल गए…  मां, पापा, भैया, भाभी, दीदी, जीजा जी, खुद वह उसकी पत्नी सुधा, और साथ में सबके बच्चे… सभी को एक डिब्बे में बिठा… वह भैया के साथ दूसरे डब्बे में चला गया…  बड़ा लंबा सफर था… पूरे … Read more

 बेटा, मुझे इस घर से जाना होगा। – अर्चना खंडेलवाल : Moral Stories in Hindi

बिस्तर पर लेटे हुए गिरिजा जी को नींद नहीं आ रही थी, आंखों से आंसू लुढ़क कर गालों को गीला कर रहे थे, और वो साड़ी के दुपट्टे से उन्हें पौंछे जा रही थी, लेकिन आंसूओं की झड़ी रूक नहीं रही थी। वो तकिये को मुंह में छुपाने लगी, लेकिन उनकी हिचकियां रह-रह कर उन्हें … Read more

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