आत्मीयता – डॉ बीना कुण्डलिया
अरी शान्ति ओ शान्ति ऽऽऽ राह चलती शान्ति देवी को पीछे से लगी आवाज सुनकर रूकना पड़ा। उन्होंने पीछे मुड़कर देखा तो शकुन बुआ उनकी ही तरफ दौड़ी चली आ रहीं थीं। अरी, हुआ तेरे छोटे लडके का रिश्ता कहीं क्या ? शकुन बुआ बोली। पड़ोसी शकुन बुआ जो रिश्ते कराने का काम करती वो … Read more