रिश्तों में अधिकार से ज्यादा प्रेम और भरोसे की ज़रूरत होती है? – मीना सहाय
रक्षाबंधन का त्यौहार नज़दीक था, इसलिए कुंती अपनी भतीजी की शादी की तारीख पक्की होने की खुशी में अपने मायके, यानी अपने भाई के घर आई हुई थी। यहाँ आए उसे तीन दिन हो चुके थे, लेकिन इन तीन दिनों में उसने इस घर में जो कुछ देखा, वह उसकी अपनी सोच और जीवनशैली से … Read more