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सच्चे धागे
विशाखा जब से अनुराग के घर ब्याह कर आई थी, पूरे घर में अक्सर उसी के स्वभाव की चर्चा दबी जुबान में होती रहती थी। विशाखा एक बहुत ही शांत, गंभीर और कम बोलने वाली लड़की थी। वह पेशे से एक बैंक अधिकारी थी और उसे फालतू की गपशप, मोहल्ले की औरतों के साथ बैठकर … Read more
बहू कम और बेटी ज्यादा
“रोहन, तुम किसी भी गलतफहमी में मत रहना। मैं तुम्हारी माँ की तीमारदारी करने के लिए वहाँ बिल्कुल नहीं जा रही हूँ।” श्रुति ने अपने बैग में लैपटॉप रखते हुए बहुत ही सपाट और कठोर स्वर में कहा। रोहन ने अभी-अभी फोन रखा था और वह गहरी चिंता में था। फोन उसके गृहनगर से था। … Read more
तोहफे की कीमत…
सुबह की भागदौड़ के बीच, जब घर में नाश्ते की खुशबू और कुकर की सीटियों का शोर गूंज रहा था, तभी दरवाजे से बाहर निकलते हुए समीर ने अपनी पत्नी काव्या को आवाज लगाई। “काव्या, सुनो! आज शाम को जल्दी तैयार हो जाना। तुम्हें याद है न, हमारे पुराने पड़ोसी माथुर अंकल की बेटी की … Read more
असली न्याय
“मालिक, ऐसा गज़ब मत बोलिए। वो आपकी भी बेटी जैसी है। अगले महीने उसके हाथ पीले होने वाले हैं। मैं खून-पसीना एक करके आपका एक-एक पैसा चुका दूँगा, बस मेरी बच्ची की तरफ आँख मत उठाइए।” लेकिन समर सिंह ने एक ज़ोरदार लात रामदीन के सीने पर मारी और अपने दोस्तों के साथ भद्दे ठहाके … Read more
“संस्कारों की सौगात ” – कमलेश आहूजा
घर में आज सुबह कुछ अलग-सी हलचल थी।शब्द कम थे,मुस्कानें ज़्यादा थीं और इशारों में जैसे कोई छोटा-सा राज़ पल रहा था।रोहन और नेहा कभी धीमे स्वर में बातें करते,तो कभी एक-दूसरे को देखकर मुस्कुरा देते।यह सब देखकर सरोज को लग रहा था,कि ज़रूर कोई ऐसी बात है जो उनसे छिपाई जा रही है। “क्या … Read more
सच्ची कमाई
साठ वर्षीय सुलोचना जी अपने दोनों हाथों में ताजी सब्जियों, फलों और कुछ घरेलू सामानों से भरे भारी थैले पकड़े, अपनी सोसायटी के मुख्य गेट से अंदर दाखिल हो रही थीं। उम्र के इस पड़ाव पर घुटनों में गठिया का दर्द अक्सर उन्हें परेशान करता था, लेकिन आज उनके चेहरे पर एक अजीब सी ऊर्जा … Read more
रिश्ते चलते हैं बराबरी से
मीरा के हाथों में वह कागज का टुकड़ा बुरी तरह से कांप रहा था। वह कोई मामूली कागज नहीं था, बल्कि समीर की कंपनी से आया हुआ ‘रिलीविंग लेटर’ था। कमरे में पसरा सन्नाटा इतना गहरा था कि मीरा को अपनी ही धड़कनें सुनाई दे रही थीं। सामने पलंग पर बैठा समीर नजरें झुकाए अपने … Read more