मैली चादर का उजास
आईने के सामने खड़ी मंदाकिनी अपनी कजरारी आँखों में सलीके से सुरमा लगा रही थी। उसके अधरों पर एक सहज और सच्ची मुस्कान थिरक रही थी, जो शायद उसने कई बरसों से खुद के चेहरे पर नहीं देखी थी। उसने गहरे हरे रंग की रेशमी साड़ी पहनी थी, जिसके किनारों पर सुनहरी गोटेदार किनारी लगी … Read more