बड़ी माँ – सविता गर्ग
“दीदी, आप हमेशा आईने के सामने इतनी देर लगाती हैं! मैं पिछले आधे घंटे से बाहर खड़ी आपका इंतज़ार कर रही हूँ, और आप हैं कि आपकी बिंदी ही सेट नहीं हो रही।” निहारिका ने अपने हाथों में पहनी कांच की चूड़ियों को खनकाते हुए अपनी बड़ी चचेरी बहन काव्या से शिकायत की। काव्या ने … Read more