गलती इंसान से ही होती है
“भाभी, मेरे देवर की शादी है, आप सपरिवार आमंत्रित हैं।” मेरे पड़ोस में रहने वाली विनीता ने खुशी से चहकते हुए एक लाल रंग का निमंत्रण पत्र मेरे हाथों में थमा दिया। मैं विनीता के देवर, प्रतीक को जानती थी। वह एक बहुत ही होनहार और एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। … Read more