सूने आँगन की तुलसी
विदाई के आँसुओं और सिसकियों के बीच जब तन्वी कार में बैठने लगी, तो उसकी मामी ने उसका हाथ थामकर कान में धीरे से कहा था, “देख तन्वी, लोग चाहे कुछ भी कहें, पर तू बहुत भाग्यशाली है। ससुराल में कोई सास नहीं है जो सुबह चार बजे जगाए या बात-बात पर नुक्स निकाले। बस … Read more