रोशनी की तलाश
कबीर ने सोहम को ऊपर से नीचे तक देखा। सोहम के पास न तो कोई खिलौना था, न ही कोई महँगे कपड़े। कबीर के मन में एक गहरा सवाल कौंधा। वह खुद को रोक नहीं पाया और संकोच करते हुए पूछ बैठा, “सोहम… तुम्हें दुख नहीं होता कि तुम इस दुनिया को नहीं देख सकते? … Read more