Betiyan Team
स्वर्ग से सुंदर
विवाह की रस्में खत्म हो चुकी थीं और राधिका अपने नए जीवन के सबसे नाज़ुक पड़ाव पर खड़ी थी। चौबे परिवार शहर का एक प्रतिष्ठित और रुतबे वाला परिवार था। घर की मालकिन, यानी राधिका की सास सुमित्रा देवी का दबदबा सिर्फ घर में ही नहीं, बल्कि पूरे मोहल्ले में था। सुमित्रा देवी की छवि … Read more
दोहरे चेहरे – शुभ्रा बैनर्जी
ममता जी नगर की गणमान्य नेता की पत्नी थीं।नेता जी के साथ पार्टी प्रचार में भी जातीं थीं। पूर्ण रूप से समाज के प्रति जागरूक थीं।पति कंस्ट्रक्शन वर्क में थे।आय अच्छी ही थी। मोहल्ले के लोगों के लिए सबसे बड़ा सहारा थीं वो।जब भी किसी बच्ची का रिजल्ट आया, उसे शाबासी देते हुए कहतीं”देख बिटिया, … Read more
*दोहरे चेहरे* – तोषिका
“आपका ये *दोहरे चेहरे* के बारे में मुझे सब पता है अब अच्छा बनने का नाटक मत कीजिए आप।” सीमा ने अपनी सास लता से बोला। “ये क्या बोल रही हो तुम बहु?” गुस्से में लता ने बोला। “अब झूठ बोलने से कुछ नहीं होगा, मुझे सब दिख भी रहा है और अच्छे से समझ … Read more
एक थाली में खाने से प्यार बढ़ता है
काव्या की आँखें फटी की फटी रह गईं। उसने पास को देखा, फिर मुझे देखा, और फिर पास को देखा। “लेकिन… आपने तो कहा था कि आपके पास टाइम नहीं है?” उसकी आवाज़ अब बिल्कुल बदल चुकी थी। उसमें अब गुस्सा नहीं, बल्कि एक मीठा सा आश्चर्य था। “मैंने इसलिए कहा था ताकि तुम्हें सरप्राइज … Read more
मेरे जीवनसाथी
कुणाल से रहा नहीं गया। वह भीड़ को चीरता हुआ अपनी माँ के पास पहुँचा और धीमे स्वर में बोला, “माँ, आरुषि को बहुत गर्मी लग रही है। वो भारी कपड़ों में है। रस्म को अंदर हॉल में शिफ्ट कर लेते हैं, वहाँ एसी चल रहा है।” माँ ने उसे झिड़कते हुए कहा, “पागल हो … Read more
मुझे माफ कर दो माँ
“रोहन… तुम्हारी माँ… हमें छोड़कर चली गई।” वाक्य इतना छोटा था, लेकिन रोहन के कानों में किसी बम के धमाके की तरह गूँजा। उसके हाथ से नाश्ते का निवाला छूटकर प्लेट में गिर गया। दिमाग जैसे सुन्न पड़ गया। “क्या… क्या कह रहे हैं आप? ओ गॉड! कब… कैसे? परसों तक तो…” रोहन के मुँह … Read more
सच्चा प्यार
समीर और काव्या की शादी को आठ साल हो चुके थे। इन आठ सालों में उनके घर की दीवारें न जाने कितनी ही बार उनकी हँसी, उनकी नोक-झोंक और उनके एक खास ‘पेट डायलॉग’ की गवाह बन चुकी थीं। समीर स्वभाव से थोड़ा लापरवाह था। सुबह ऑफिस जाते वक्त गीला तौलिया बिस्तर पर छोड़ देना, … Read more
गुस्सा एक दिन सब बर्बाद कर देगा – डॉ आभा माहेश्वरी
रमेश एक मेहनती किसान था। उसके पास थोड़ी-सी जमीन थी, लेकिन वह अपनी मेहनत और ईमानदारी से अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। गाँव में उसकी एक बात सबसे अधिक प्रसिद्ध थी—उसका तेज गुस्सा। छोटी-सी बात पर भी वह अपना आपा खो बैठता था। कई बार उसकी पत्नी सीता और बेटा मोहन उसे समझाते, “गुस्सा … Read more