ममता की कोई कीमत नहीं – राहुल कुमार
दौलत के तराज़ू में ममता का मोल कहाँ तुलता है, माँ के आँचल सा सुकून दुनिया में कहाँ मिलता है। चुका सके जो माँ का कर्ज़, ऐसा कोई धन बना नहीं, इस निस्वार्थ समर्पण की, सच में कोई कीमत नहीं। शाम ढल रही थी। घर के आंगन में तुलसी के पौधे के पास दीया जलाते … Read more