माँ ने 25 लाख के लिए बेटा बेच दिया… – मुकेश पटेल

बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी, लेकिन शर्मा विला के ड्राइंग रूम में जो तूफ़ान खड़ा था, वह बाहर के मौसम से कहीं ज़्यादा भयानक था। दीवार घड़ी रात के नौ बजा रही थी। कमरे के बीचों-बीच बिखरे हुए काँच के टुकड़े और फटे हुए कागज़ इस बात की गवाही दे रहे थे कि यहाँ … Read more

“पापाजी अब घर में रह रहे हैं.. तो कुछ तो काम करना ही होगा।” – डॉ अनुपमा श्रीवास्तव 

खिड़की से आती धूप अब कमरे के फर्श से हटकर दीवार पर चढ़ चुकी थी। दोपहर के दो बज रहे थे, लेकिन दीनानाथ जी अभी तक अपनी उसी पुरानी आराम कुर्सी पर लेटे हुए थे। उनकी आँखों पर चश्मा टिका था, और हाथ में एक किताब थी जिसका पन्ना पिछले एक घंटे से नहीं पलटा … Read more

परिवार – खुशी

रामनाथ जी अपने परिवार से बहुत प्यार करते थे।उनके परिवार में तीन भाई 2 बहने  और उनकी पत्नियां बच्चे रहते।रामनाथ सबसे बड़े थे।उनकी पत्नी दमयंती 2 बच्चे वृंदा और कुशल उनसे छोटे ज्ञान उनकी पत्नी रागिनी और दो बच्चे अर्पिता और अर्पण और सबसे छोटा हेमंत जो इंजीनियरिंग के आखिरी वर्ष में था। एक खुशहाल … Read more

घर कचहरी नहीं बनेगा! – मुकेश पटेल 

आख़िर छोटी-छोटी बातों में बहू के मायके वालों को क्यों शामिल करना??  शाम के छह बज रहे थे। घर की दीवार घड़ी ने अपना घंटा बजाया, लेकिन सुमन के कानों में वह आवाज़ किसी अलार्म की तरह नहीं, बल्कि किसी आने वाले तूफ़ान की चेतावनी जैसी लगी। वह ऑफिस से अभी-अभी लौटी थी। थकी हुई … Read more

बहु जितनी चादर हो उतने ही पैर पसारने चाहिए – सावित्री मल्होत्रा

दरवाजे की घंटी बजी और डिलीवरी बॉय ने एक बड़ा सा कार्टन बरामदे में रख दिया। पसीने से तर-बतर होकर उसने रसीद पर साइन मांगे। रसोई से बाहर आईं 60 वर्षीय सुमित्रा देवी ने उस विशाल डिब्बे को देखा और उनका माथा ठनका। “यह क्या है?” उन्होंने अपनी बहू, अवनी, से पूछा जो अभी-अभी डिलीवरी … Read more

सबसे बड़ा धन परिवार – उमा वर्मा

जनवरी की कपकंपाती सर्द सुबह ।नन्दिनी बालकनी में चटाई बिछाकर धूप का आनंद ले रही थी।बेटा बहू आफिस के लिए निकल गये थे । काम वाली सुबह आठ बजे आकर घर की सफाई और बर्तन कर के चली गई थी ।अब अकेली घर में यादों की पोटली खुल गई थी ।यही समय होता है जब … Read more

सबसे बड़ा धन परिवार होता है और कोई नहीं – मंजू ओमर 

डोरवेल बजी तो अनाया ने दरवाजा खोला सामने डिलिवरी ब्वाय खड़ा था।अनाया ने पिज्जा आर्डर किया था।वो ब्वाय क्या था एक 40,45 साल का आदमी था । कंपनी की टी-शर्ट पहने हुए था , और वो कांप रहा था क्योंकि बाहर ठंड थी और हल्की सी बरसात भी हो रही थी। डिलिवरी मैन ठंड से … Read more

पीहर – प्रभा पारीक

सुबह बाबुजी का फोन आया ,मां के जाने के बाद बाबुजी के बस एक आध ही तो फोन आये थे ।. आज उन्होंने बिना किसी लाग लपेट के बड़ी गंभीर आवाज में कहा था ’’जाकर घर संभाल आना, जो सामान ठिकाने लगाना है लगा देना, घर चाहो तो रखो अन्यथा अपने भाई माधव से पूछ … Read more

जज पिता का फैसला! – हेमलता गुप्ता

जब बूढ़े मां बाप की बेटी को बहू ने अपनी बर्थडे पार्टी में किया सबके सामने.. बेइज्जत.. तो माता पिता ने उठाया ऐसा कदम जिससे बेटे बहू की रूह कांप जाएगी  शहर के सबसे पॉश इलाके में स्थित ‘रॉयल ओक बैंक्वेट हॉल’ आज रोशनी से नहाया हुआ था। बाहर महंगी कारों की कतार लगी थी … Read more

अम्मा की अलमारी – प्रभा पारीक

बचपन से लेकर आज तक न जाने क्यों, अनेक बार खोल कर देख लेने के बावजूद भी हमारे लिए अम्मा की अलमारी  एक रहस्य ही रही|  कभी जब  भी  माँ  अलमारी  खोलकर साफ करने के लिए बैठती  तो  हम सबसे पहले आ धमकते, जबकि हमें कुछ चीजों का निश्चित रूप से पता ही होता था … Read more

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