मायके की दहलीज और बंदिशें
विवेक आज सुबह से ही बेहद खुश था। उसके चेहरे की रौनक और पैरों की थिरकन साफ बता रही थी कि उसके मन की कोई मुराद पूरी होने वाली है। वजह सिर्फ इतनी थी कि थोड़ी देर पहले ही उसकी पत्नी, काव्या ने अपने मायके जाने की बात कही थी। जब भी काव्या अपने माता-पिता … Read more