भाग्य का दोष नहीं _सोच का दोष है ।। – अंजना ठाकुर
कुसुम जी को अपनी बेटी सुरभि की शादी की बहुत चिंता थी उनका मानना था लड़की एक बार अपने घर चली जाए तो वो गंगा नहा ले ।सुरभि पढ़ी लिखी थी लेकिन कुसुमजी की सोच के कारण वो नौकरी नहीं कर पाई उनका सोचना था कि बाहर निकलते ही लड़कियां बिगड़ जाती है सुरभि के … Read more